कम्युनिटी ट्रांसमिशन में पहुंचने के संकेत
कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन के फेज में पहुंचने के शुरुआती संकेत मिलने लगे हैं । आईसीएमआर की हालिया स्टडी में सामने आया है कि सांस से संबंधित बीमारी से गंभीर रूप से ग्रसित हर 100 मरीजों में लगभग दो कोरोना पॉजिटिव है । दिल्ली में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है यहां हर 100 मरीज में 5 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं । जबकि महाराष्ट्र में चार और यूपी में कुछ मरीज चपेट में हैं ।
दरअसल कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन पहुंचने का पता लगाने के लिए आईसीएमआर ने सांस से संबंधित बीमारी से गंभीर से ग्रसित ऐसे मरीजों की कोरोनावायरस की जांच शुरू की जो देश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में आईसीयू में भर्ती है । स्टडी के लिए 15 फरवरी से 14 मार्च तक 859 मरीजों की जांच की गई थी । लेकिन एक में भी कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई । पर इसके बाद 2 अप्रैल तक 5052 मरीजों में से 104 में कोरोना की पुष्टि हो गई ।
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| Coronavirus |
29 मार्च से 2 अप्रैल के बीच प्रति 100 मरीजों में 2.6 कोरोना पॉजिटिव थे । 15 फरवरी से 2 अप्रैल तक 5911 मरीजों में 104 मरीज पॉजिटिव मिले । बड़ी बात यह है कि इसमें 40% मरीजों की कोई ट्रेवल या कांटेक्ट हिस्ट्री नहीं है । आईसीएमआर ने सिफारिश की है कि जिन 15 राज्यों के 36 जिलों में सांस की बीमारी ग्रस्त कोरोना पॉजिटिव मिले हैं इन्हें कंटेनमेंट जोन बना देना चाहिए ।
फ्रांस के विशेषज्ञ का दावा:मोटे लोगों को कोरोना से ज्यादा खतरा, अमेरिका और ब्रिटेन को सावधान रहने के लिए कहा
फ्रांस के प्रमुख महामारी विशेषज्ञ ने कहा है कि कोरोनावायरस से संक्रमित मोटे लोगों को ज्यादा खतरा है । फ्रांस के साइंटिफिक काउंसिल के प्रोफेसर जीन फ्रैंकोइस सरकार को कोरोना से लड़ने में सलाह भी दे रहे हैं । उन्होंने कहा है कि फ्रांस के करीब 25% लोग खतरे में है यह सभी लोग या तो किसी बीमारी से जूझ रहे हैं या फिर मोटापे से ग्रस्त हैं । यह दोनों ही बातें कोरोनावायरस के संक्रमण के लिहाज से ख़तरनाक है ।
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| COVID-19 |
फ्रैंकोइस ने स्टडी के आधार पर कहा है कि ये युवा लोगों को भी शिकार बना सकता है । खासकर वे मोटे हैं तो उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है । उनके मुताबिक अमेरिका और ब्रिटेन को यह खतरा ज्यादा है ।अमेरिका में करीब 42.4% वयस्क मोटे हैं । जबकि 18.5% बच्चे मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं । ब्रिटेन में 29% वयस्क मोटे से ग्रस्त हैं । ये दोनों ही देश फिलहाल कोरोनावायरस के केंद्र बने हुए हैं । फ्रैंकोइस के मुताबिक अमेरिका में मोटापा एक बड़ी समस्या है । वहां सेहत से जुड़ी ज्यादातर समस्याएं मोटापे के कारण ही है एक रिपोर्ट के मुताबिक 1918 में अमेरिका में फैले स्पेनिश फ्लू के वक्त भी यही हुआ था । इसके अलावा 2009 में फैले एच1एन1 फ्लू की महामारी के वक्त हुई स्टडी में पता चला कि फ्लू की चपेट में आकर हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या आम लोगों से दुगुनी थी ।
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| Coronavirus |
अमेरिका में हाल ही में राज्य द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि न्यूयॉर्क की तुलना में न्यू ऑर्लियंस और सीएटल के लोग ज्यादा कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं । हेल्थ अफसरों का कहना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि वहां की ज्यादातर लोग मोटे हैं । सीडीसी का कहना है कि जिन व्यक्तियों का बॉडी मास इंडेक्स 40 से अधिक है,उनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा है ।
कोरोना संकट :महाराष्ट्र में मौतों का आंकड़ा 100 की ओर
देशभर में गुरुवार को 935 नए कोरोना संक्रमित मिले । यह 1 दिन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है । वही 44 मौतों के साथ देशभर में मरने वालों की संख्या भी 225 पहुंच गई । महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 25, मध्यप्रदेश में 7, दिल्ली में 3, गुजरात और पंजाब में 2-2 जबकि झारखंड, जम्मू-कश्मीर ,कर्नाटक ,उड़ीसा और राजस्थान में एक-एक मरीज की मौत हुई । संक्रमण से महाराष्ट्र, खासकर मुंबई बुरी तरह प्रभावित है महाराष्ट्र में 229 नए मामलों के साथ संक्रमितों की संख्या 1364 हो गई है । देश के मरीजों में से 21% महाराष्ट्र में ही है । यहां मरने वालों का आंकड़ा 97 पहुंच गया है । शहरों की बाद करे तो मुंबई की हालत देश में सबसे खराब है । गुरुवार को 162 नए मरीजों के साथ यहां संक्रमितों का आंकड़ा 876 पहुंच गया । 97 में से 54 मौतें सिर्फ मुंबई में हुई है । यहां देश में सबसे ज्यादा 381 कंटेनमेंट एरिया बनाए जा चुके हैं । वहीं महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा की मुंबई में रैपिड पुलिस फोर्स तैनात की जाएगी । इसी बीच बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने महाराष्ट्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय को राज्य में रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट करवाने पर विचार के निर्देश दिए हैं ।
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| कोरोनावायरस |
दुनिया में कोरोना वायरस की मार
दुनिया भर में 15 लाख से ज्यादा संक्रमित, मौतें 90 हजार पार
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| Corona Virus |
दुनियाभर में न्यूयॉर्क सिटी के हालात सबसे खराब है । यहां गुरुवार को 824 लोगों की मौत हुई इस शहर में अब तक 4426 लोगों की मौत हो चुकी है । न्यूयॉर्क राज्य में हुई कुल मौतों में दो तिहाई से ज्यादा न्यूयॉर्क सिटी में हुई है । यहां अस्पतालों में जगह तक नहीं बची है अब लोगों का इलाज ट्रक और शहर के किनारे बनाए गए तंबुओं में किया जा रहा है । शवों को रेफ्रिजरेटर में रखा जा रहा है । रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में कोरोनावायरस से 11भारतीयों की मौत हो गई है ।
न्यूजर्सी में रहने वाले भीलवाड़ा के डॉक्टर विजय सारस्वत ने बताया कि मरीजों से सारे अस्पताल भर चुके हैं । आईसीयू तक में मरीजों के लिए बेड नहीं बचे हैं सारी कोशिशों के बावजूद नए मरीजों को वेंटिलेटर नहीं मिल रहे हैं । चिकित्साकर्मी 15 घंटे से ज्यादा काम कर रहे हैं । इसका कोई इलाज नहीं है। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है सोशल डिस्टेंसिंग भारतीयों को अमेरिकियों से सबक लेना चाहिए ।
इटली:13,121 हेल्थकर्मी संक्रमित, 100 डॉक्टर्स की जान जा चुकी है
इटली के मेडिकल फेडरेशन के मुताबिक गुरुवार को कोरोनावायरस से चार डॉक्टरों की मौत हो गई है अब तक 101 डॉक्टर कोरोनावायरस की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं । इसके अलावा 30 नर्सों की भी मौत हुई है । यहां करीब 13,121 हेल्थकुर्मी संक्रमित हो चुके हैं । इटली सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देश है यहां अब तक 17,669 मौतें हो चुकी है।




